इनमें से कौन मानवजनित आपदा हैं?
– (D) उपर्युक्त सभी
बिहार में भूकंप कब आया था?
– (A) 1934
सुनामी का प्रमुख कारण क्या है?
– (A) समुद्र में भूकंप का आना
कुसहा तटबंध किस नदी पर है?
– [B] कोसी
भारतीय संविधान में स्थानीय स्वशासन को किस अनुच्छेद के तहत स्थान मिला?
– (C) अनुच्छेद - 40
प. बंगाल में बाढ़ की विभीषका वाली नदी?
– [A] दामोदर
भूकंप केंद्र के उर्ध्वाधर पृथ्वी पर स्थित केंद्र को क्या कहा जाता है?
– (B) अधिकेंद्र
भारत को कितने भूकम्पीय क्षेत्र में बाँटा गया है?
– 5
सबसे खतरनाक तरंग कौन है?
– (C) L
भोपाल त्रासदी में किस गैस का रिसाव हुआ था?
– (C) मिथाइल आइसोसाइनाइट
संस्थागत वित्त का साधन कौन है?
– (C) व्यावसायिक बैंक
मुंबई में पहली सूती वस्त्र मिल के कारण:
– (D) सभी सही
उत्तर भारत का कौन-सा राज्य गन्ना उत्पादन में प्रसिद्ध?
– (A) उत्तरप्रदेश
रबर की खेती भारत के किस राज्य में?
– (A) केरल
तेलहन उत्पादन में भारत का स्थान:
– (B) दूसरा
मैंगनीज उत्पादन में भारत का स्थान:
– (C) तृतीय
कपास में सर्वोत्तम मिट्टी:
– (C) काली
तीनकठिया प्रणाली लागू हुआ था:
– (D) किसानों पर
भारत की वित्तीय राजधानी:
– (A) मुंबई
असहयोग आन्दोलन का प्रस्ताव काँग्रेस में:
– (A) सितंबर 1920, कलकत्ता
किस तिथि को पूर्ण स्वतंत्रता दिवस?
– (B) 26 जनवरी 1930 को
1911 में बंगाल विभाजन किसने वापस लिया?
– (D) लॉर्ड हार्डिंग
भारतीय पूँजी बाजार का अंग नहीं है:
– (B) औद्योगिक बाजार
कार्यों के बदले में पारिश्रमिक:
– (B) आय
इंडियन नेशनल काँग्रेस के संस्थापक:
– (D) ए. ओ. ह्यूम
लाल खमेर सेना किसकी थी?
– (C) पोलपोट की
वियतनाम में अन्नामी दल की स्थापना:
– (B) फान बोई चाऊ ने
वियतनाम में ‘तोकिन फ्री स्कूल’ की स्थापना:
– (A) 1907 ई०
‘वार एण्ड पीस’ के लेखक:
– (B) टॉलस्टाय
कौन यूरोपियन समाजवादी नहीं था?
– (D) रॉबर्ट ओवन
पंचायत समिति का प्रधान:
– (B) प्रमुख
ग्राम पंचायत का सचिव:
– (C) पंचायत सचिव
ग्राम कचहरी का अंग कौन नहीं?
– (A) मुखिया
1992 में नगरीय स्वशासन को मान्यता संविधान संशोधन:
– (D) 74वाँ
समवर्ती सूची में रखा जाता है:
– (B) केन्द्र एवं राज्य दोनों
नगर निगम के निर्वाचित प्रधान:
– (B) महापौर
श्रीलंका में तमिल रहते हैं:
– (A) उत्तर-पूर्वी प्रान्तों में
बिहार की साक्षरता:
– (C) 49 प्रतिशत
अमेरिका के नागरिक अधिकार आन्दोलन का मुख्य उद्देश्य:
– (A) नस्ल आधारित भेदभाव मिटाना
भारत के केन्द्रीय बैंक:
– (A) रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया
Short Type Questions
सूक्ष्म वित्तीय संस्थाएं किसे कहते हैं?
सूक्ष्म वित्तीय संस्थाएं (Microfinance Institutions) वे संस्थाएं हैं, जो गरीब और छोटे उद्यमियों को बिना जमानत के छोटे ऋण (लोन), बचत, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाएँ उपलब्ध कराती हैं।
अल्लूरी सीताराम राजू कौन थे, उनके योगदान?
अल्लूरी सीताराम राजू आंध्र प्रदेश के आदिवासी नेता, जिन्होंने 1922-24 के बीच ब्रिटिश-विरोधी 'रम्पा विद्रोह' का नेतृत्व किया। उनका योगदान आदिवासी अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के उद्देश्य:
सामाजिक व आर्थिक समानता की स्थापना
पूंजीवादी शोषण का अंत
श्रमिकों, किसानों, मजदूरों के अधिकार
समाजवाद की स्थापना
भारत में मजदूर आंदोलन:
20वीं शताब्दी में औद्योगीकरण के साथ मजदूर आंदोलनों की शुरुआत हुई। ये आंदोलन मजदूरी, काम के घंटे, श्रमिक अधिकार, रोजगार सुरक्षा के लिए थे। अहम संगठनों में AITUC प्रमुख रहा।
ग्राम पंचायत के आय के स्रोत:
संपत्ति कर
जल कर
सरकारी अनुदान
बाजार कर
अन्य स्थानीय शुल्क
असहयोग आंदोलन क्यों वापस?
चौरी-चौरा कांड (1922) में हिंसा के कारण गांधीजी ने असहयोग आंदोलन को वापस ले लिया, क्योंकि वह अहिंसा के पक्षधर थे।
P, S, L तरंगें क्या हैं?
P-तरंग: प्राथमिक, सबसे तेज
S-तरंग: द्वितीयक, कम तेज
L-तरंग: सतही, सबसे अधिक क्षति करने वाली
मास्टर दा कौन थे?
मास्टर दा नाम से प्रसिद्ध सूर्य सेन, चिटगांव विद्रोह (1930) के नेता थे।
लोकतंत्र में विपक्षी दल की भूमिका:
सरकार की नीतियों की जांच, सरकार को उत्तरदायी बनाना, महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा लाना एवं जनता की समस्याओं को उठाना।
सुखाड़ से निपटने के उपाय:
जल संरक्षण
सूखा प्रतिरोधी फसलें
वैकल्पिक रोजगार
सरकारी सहायता
जल संचयन
Long Questions & Answers
1. भारतीय पूंजी बाजार और मुद्रा बाजार से क्या समझते हैं?
पूंजी बाजार (Capital Market):
पूंजी बाजार वह मंच है जहां लंबी अवधि के वित्तीय साधनों (जैसे- शेयर, डिबेंचर, बांड आदि) की खरीद-बिक्री होती है। इसमें कंपनियां और सरकारें अपने विकास और विस्तार के लिए पूंजी जुटाती हैं। पूंजी बाजार मुख्यतः दो भागों में बंटा हुआ है: प्राथमिक (Primary) और द्वितीयक (Secondary) बाजार। प्राथमिक बाजार में नई प्रतिभूतियों का निर्गम व बिक्री होती है, जबकि द्वितीयक बाजार में पहले से जारी प्रतिभूतियों का व्यापार होता है। पूंजी बाजार आर्थिक वृद्धि, औद्योगिकीकरण, स्वरोजगार और पूंजी निर्माण को बढ़ावा देता है। इसमें सेबी (SEBI) जैसी संस्थाएं नियामक भूमिका निभाती हैं।
मुद्रा बाजार (Money Market):
मुद्रा बाजार वह वित्तीय बाजार है जहां अल्पकालिक (एक वर्ष के भीतर) ऋण व उधार के साधन (जैसे- ट्रेज़री बिल, वाणिज्यिक पत्र, कॉल मनी आदि) का लेनदेन होता है। यह बैंकों, कंपनियों व सरकार की तरलता आवश्यकताओं को पूरा करता है। मुद्रा बाजार फुर्ती और त्वरित लेन-देन के लिए प्रसिद्ध है। इसमें आरबीआई मुख्य नियामक संस्था है। मुद्रा बाजार आर्थिक स्थिरता और शॉर्ट टर्म आवश्यकतानुसार व्यवस्था सुनिश्चित करता है।
2. बाढ़ और सुनामी हेतु प्रबंधन का वर्णन
बाढ़ प्रबंधन:
तटबंध एवं बांध: नदियों के किनारे तटबंध और बांध बनाकर बाढ़ के पानी को नियंत्रित किया जाता है, जिससे बस्तियों की सुरक्षा होती है।
जल निकासी व्यवस्था: शहरों-कस्बों में जल निकासी के लिए नाले, ड्रेनेज सिस्टम सुधारे जाते हैं ताकि पानी जमा न हो।
अलर्ट/चेतावनी प्रणाली: मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा समय-समय पर चेतावनी जारी की जाती है ताकि लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
पुनर्वास व राहत: बाढ़ स्थितियों में प्रभावित लोगों का पुनर्वास किया जाता है एवं खाद्य, पानी, दवाइयों आदि की व्यवस्था होती है।
वनरोपण: नदियों के किनारे ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाकर बाढ़ का प्रभाव कम किया जा सकता है।
सुनामी प्रबंधन:
भूकंप और सुनामी चेतावनी प्रणाली: समुद्र तल में सेंसर, उपग्रह आधारित तकनीक से सुनामी आने से पहले ही अलर्ट जारी किया जाता है।
जनजागरूकता अभियान: तटीय क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया जाता है कि वे संकट के समय क्या करें।
लोकल रेस्क्यू टीम: आपदा प्रबंधन हेतु एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जैसी टीमें तैयार रखी जाती हैं।
संरक्षित स्थल की पहचान: सुरक्षित ऊंचाई वाले स्थान, शेल्टर होम आदि की योजना बनती है।
अभ्यास/ड्रिल: समय-समय पर मॉक ड्रिल कराई जाती है ताकि सभी तैयार रहें।
3. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना और उद्देश्य
स्थापना:
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 28 दिसंबर 1885 को मुंबई (तत्कालीन बंबई) में हुई थी। इसके संस्थापक ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम माने जाते हैं, साथ ही दादा भाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी जैसे नेता भी प्रारंभिक वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। प्रारम्भ में इसमें 72 प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।
मुख्य उद्देश्य:
भारतीयों को प्रशासन व्यवस्था में भागीदारी दिलाना।
अंग्रेजी सरकार पर दबाव डालकर भारतीयों के लिए राजनीतिक अधिकार और स्वतंत्रता की मांग।
देशभर के विभिन्न समुदायों के लोगों को एक मंच पर लाना।
भारतीयों में स्वदेशवासी भावना, एकता, राष्ट्रीय चेतना का विकास।
प्रशासन एवं नीतियों में सुधार हेतु मांग रखना।
बाद में स्वतंत्रता आंदोलन को नेतृत्व प्रदान करना।
4. नगर निगम के कार्यों का विस्तृत विवरण
नगर निगम शहरी क्षेत्रों की स्थानीय स्वशासन संस्था है, जिसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
जल आपूर्ति एवं निकासी: नगरीय जनता को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना, सीवेज तथा जल निकासी की व्यवस्था करना।
सड़क व्यवस्था: सड़कों का निर्माण, मरम्मत, सड़क प्रकाश व्यवस्था व सड़कों की सफाई।
कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता: घर-घर से कचरा उठाव, उसके निपटान एवं रीसाइक्लिंग की व्यवस्था, सड़क-बाजार, सार्वजनिक स्थानों की सफाई।
स्वास्थ्य सेवाएं: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का संचालन, टीकाकरण, महामारी नियंत्रण, दवा वितरण व अस्पतालों की व्यवस्था।
शहरी नियोजन एवं भवन अनुज्ञापन: भवन निर्माण के लिए अनुमति, नगर का सुनियोजित विकास, वाणिज्यिक एवं आवासीय क्षेत्र निर्धारण।
नागरिक सुविधाएं: उद्यान, पुस्तकालय, सामुदायिक भवन, मनोरंजन स्थल, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग आदि का निर्माण व रखरखाव।
शिक्षा: नगर स्तर पर प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों की स्थापना व संचालन।
राजस्व संग्रहण: सम्पत्ति कर, जल कर, व्यापारिक कर आदि का संग्रह।
आपदा प्रबंधन: बाढ़, आग, महामारी आदि आपदाओं में राहत व बचाव कार्य।
5. भारत में विभिन्न भूकंप जोन का वर्णन
भारत को भारतीय मानक ब्यूरो (IS 1893:2002) के अनुसार चार भूकंपीय जोन में बाँटा गया है, जो भूकंप के खतरे के आधार पर वर्गीकृत हैं:
Zone 2: सबसे कम खतरा। देश के अधिकांश स्थलों पर लागू (जैसे- दक्षिण भारत के कई भाग)।
Zone 3: मध्यम खतरा। इसमें कई राज्यों के पठारी और हिमालयी क्षेत्र शामिल हैं।
Zone 4: उच्च खतरा। इसमें उत्तरी बिहार, दिल्ली, गुजरात, जम्मू, हिमाचल के क्षेत्र शामिल हैं।
Zone 5: अत्यंत उच्च खतरा। इसमें भारत का पूर्वोत्तर, कश्मीर, अंडमान-निकोबार द्वीप, कच्छ (गुजरात) आता है, जहां भूकंप की तीव्रता सबसे ज्यादा हो सकती है।
6. कोयला के प्रकार और उनकी विशेषताएं
भारत में कोयला मुख्य रूप से चार प्रकार के पाए जाते हैं:
प्रकार कार्बन प्रतिशत रंग गुण/विशेषता प्रयोग
आंथ्रासाइट 80–95% चमकीला काला सबसे उच्च गुणवत्ता, अधिक ऊर्जा औद्योगिक, घरेलू
बिटुमिनस 60–80% काला उच्च ऊर्जा, करीब 70% भारतीय कोयला उद्योग, ऊर्जा उत्पाद
लिग्नाइट 40–60% भूरा निचले स्तर का, जल में अधिक नमी बिजली उत्पादन
पीट 50% या कम भूरा-काला सबसे निम्न स्तर, कम ऊर्जा सीमित ऊर्जा स्रोत
आंथ्रासाइट: सबसे कम मात्रा में पाया जाता है, जलने में कम धुआं, सर्वोत्तम ईंधन।
बिटुमिनस: घरेलू उपयोग, रेलवे इंजन, बिजलीघरों में सर्वाधिक प्रयुक्त।
लिग्नाइट: अधिक नमी, ऊर्जा उत्पाद के लिए खानों से खुदाई करके निकाला जाता है।
पीट: सबसे निम्न, उर्वरक के रूप में भी प्रयोग, ऊर्जा उत्पादन सीमित।
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